बड़े हों या बच्चे, दिमाग तेज़ कैसे करें? ब्रेन पावर कैसे बढ़ाएं: बहुत कम लोग यह जानते हैं, कि हमारा मस्तिष्क कुल मिलाकर, हमारे पूरे स्वास्थ्य पर शासन करता है, इसलिए आपका मस्तिष्क, आपके स्वास्थ्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जिसे हमें बिल्कुल भी नज़रंदाज़ नहीं करना चाहिए, जिस प्रकार से हम अपने स्वास्थ्य को स्वस्थ, और फिट रखने के लिए निरंतर प्रयास करते हैं, उसी प्रकार से हमें अपने मस्तिष्क को भी स्वस्थ रखने के लिए, उतनी ही प्राथमिकता देनी चाहिए, इस आर्टिकल में दैनिक दिनचर्या के कुछ घरेलू मूल सुझाव दिए गए हैं, जिन्हें पालन करके आप अपने दिमाग को भी, स्वस्थ रूप से रखने में मदद कर सकते हैं।
इस आर्टिकल में
दिमाग तेज़ करने के घरेलू उपाय:
हमारे मस्तिष्क को तेज़ और स्वस्थ रखने के लिए, हमारे ब्रेन पावर की क्षमता को बढ़ाने के लिए, हम बिना किसी रासायनिक (केमिकल) के, सिर्फ कुछ मूलभूत घरेलू उपचार को करके भी, अपने शरीर के साथ-साथ, अपने मानसिक स्वास्थ्य को भी स्वस्थ और तंदुरुस्त रख सकते हैं, जिनमें नीचे दिए गए सभी उपाय शामिल हैं।
नियमित व्यायाम करें:

नियमित व्यायाम करें: अपने आपको शारीरिक और मानसिक रूप से हमेशा सक्रिय रखें, नियमित व्यायाम करने से हमारे मस्तिष्क में रक्तसंचार का स्तर बढ़ता है, जिससे हमारे ब्रेन के ब्लड सेल्स में (Improvement) सुधार होता है, और जिस व्यक्ति का मस्तिष्क कमज़ोर होता है, उनके मस्तिष्क के पुराने रक्त कोशिकाएं (ब्लड सेल्स) रिपेयर होकर, नए और स्वस्थ ‘न्यूरॉनस” (nerve cells) में पुनर्निर्माण होने लगते हैं, इसलिए नियमित रूप से व्यायाम करने से हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ, यह हमारे मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए भी बेहद प्रभावशाली होते है, इसलिए हमें अपने रोजाना के दिनचर्या में 30 मिनट से 1 घंटे का समय, अपने शारीरिक गतिविधि के लिए ज़रूर निकालना चाहिए।
मानसिक व्यायाम (Brain Storming)

मानसिक व्यायाम करें: दिमाग को तेज़, और ब्रेन के पावर को बढ़ाने के लिए, हमें अपने पूरे दिन में, जब भी समय मिले, कम से कम एक बार अपने रोज के रूटीन में, कोई एक ऐसा दिमाग का खेल ज़रूर शामिल करना चाहिए, जिससे की हमारे दिमाग पर ज़ोर पड़े, (जिसे हम brain storming) करना कहते हैं, मस्तिष्क पर ज़ोर देने वाले गेम्स खेलने से, हम अपने ब्रेन को सक्रिय (ऐक्टिव) होने का सिगनल देते हैं, और जब आप ऐसे दिमाग पर ज़ोर देने वाले गेम्स को रोज खेलने लगते हैं, तो आप सीधे तौर पर प्रतिदिन मस्तिष्क को सक्रिय होने का संकेत देते हैं, जिसके कारण हमारे ब्रेन के रक्त कोशिकाएं (ब्लड सेल्स) और “न्यूरॉनस” (नर्व सेल्स) तेज़ी से एक्टिव होने लगते है।
और लगातार रोज़ ऐसे ही brain storming करने से, मस्तिष्क पर ज़ोर देने से, धीरे-धीरे हमारा मस्तिष्क तेज़ और पावरफुल होने लगता है, जिसके कारण हमारी याददाश्त, स्मरणशक्ति में भी वृद्धि होती है, इसलिए आप अपने पूरे दिन में कभी भी, जब भी समय मिले (अपने खाली समय में रील्स देखने के बजाए, अपनी फ़ायदे वाली चीजों को करें) मस्तिष्क पर ज़ोर देने वालें गेम्स खेलें, जिससे ज्यादा से ज़्यादा आपकी ब्रेन स्टॉर्मिंग हो। जैसे शतरंज, सुडोकू, पज़ल गेम्स, क्रॉस्वर्ड गेम्स, रूबिक्स क्यूब गेम, जिसे काफ़ी सारे लोग (मैजिक क्यूब) के नाम से भी जानते हैं, इस प्रकार के बहुत सारे गेम्स हैं, जिन्हें खेल कर आप अपने दिमाग की (brain storming) कर सकते हैं, और अपने दिमाग को तेज़ करके, अपनी ब्रेन पावर की क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
ध्यान-मेडिटेशन करें:

ध्यान मेडिटेशन करें: मेडिटेशन करने से, हमारा तनाव कम होता है, और हमारे मन को शांत रहने में मदद मिलती है, आज की इस तेज़ रफ़्तार, भागदोड़ भरी ज़िंदगी में अक्सर हम ना चाहते हुए भी, तनाव से ग्रसित हो जाते हैं, और कभी-कभी तनाव इतना ज़्यादा गहरा हो जाता है, कि जिसकी वजह से हमारे सोचने, और समझने की क्षमता कम होने लगती है, हमारी याददाश्त कमज़ोर होने लगती है, और इस कारण से हमारा सही जगह पर, सही कार्य पर फोकस होना कम होने लगता है, जिसके कारण हम पूरी तरह से किसी भी काम में एकाग्रता, और ध्यान को केंद्रित नहीं कर पाते हैं।
तनाव के कारण हमारा फोकस हमारा (कॉन्सन्ट्रेशन लेवल) इतना कम हो जाता है, कि हम कभी-कभी 5 मिनट पहले किया हुआ काम भी अक्सर भूल जाते हैं, यह सब हमारे ओवरलोड सोचने, और ज़रूरत से ज़्यादा दिमाग को उलझाने और तनाव के कारण होता है, ऐसे में ध्यान मेडिटेशन करना, गहरी लंबी साँस वाले मेडिटेशन करना, हमारे मस्तिष्क के लिए किसी औषधि से कम नहीं होते हैं। (ध्यान- मेडिटेशन हमारे मस्तिष्क को शांत करने, तनाव को दूर करने, और मन को एकाग्रता करने में बहुत ही ज़्यादा लाभकारी होता है) जब हमारा ध्यान, हमारा एकाग्रता स्तर (कॉन्सन्ट्रेशन लेवल) एक जगह पर फोकस रहने लगता है, तो यह हमारे मस्तिष्क के तेज़ होने की निशानी होती है।
भरपूर नींद लेना:
एक भरपूर सुकून भरी नींद हमारे दिमाग को आराम देता हैं, ब्रेन फंक्शन को सही से काम करवाते रहने के लिए, हमारा खुश मिजाज़ होना, हमारा खुश रहना बहुत जरूरी होता है, जिसके लिए सबसे पहले हमें, हमारे मूड को अच्छा रखने की ज़रूरत होती है, और इसके लिए हमारा पहला कदम, पर्याप्त मात्रा में एक भरपूर सुकून भरी नींद लेना बेहद जरूरी होता है,
तनाव मुक्त रहना:
हम जानते हैं, आज की इस भागदोड़ भरी ज़िंदगी में, तनावमुक्त रह पाना बहुत मुश्किल है, लेकिन हम तनाव से दूर रहने की, तनाव को कम करने की कोशिश तो कर ही सकते हैं, जितना हो सके तनाव से दूर रहें, ज़्यादा तनाव, ज़्यादा चिंतित होना, हमारे ब्रेन फंक्शन को कमज़ोर कर देता है, जब भी तनाव और चिंतित महसूस हो, गहरी लंबी साँस लें, (जैसे की ऊपर बताया गया है, तनाव को दूर करने के लिए, ध्यान-मेडिटेशन, गहरी लंबी साँस लेने वाली क्रियाएं कर सकते हैं),
इसके अलावा, जब भी चिंतित महसूस करें, बाहर ताज़ी खुली हवा में एक सैर (वॉक) पर चले जाएं, इससे हमारा ध्यान, दूसरी दिशा में माइंड डाइवर्ट होता है, सॉफ्ट म्यूजिक सुनें, या मेडिटेशन वाले सॉफ्ट संगीत सुने जैसे: चिड़ियों का चहचहाना, बारिश की धून, या गिटार, पियानो म्यूजिक, या जो भी आपको पसंद हो, ऐसे सॉफ्ट संगीत सुनें, जिससे आपका माइंड रीलैक्स महसूस करे, और मन और मस्तिष्क 🧠 को आराम मिले।
नई गतिविधियां करें:
नई नई एक्टिविटी करने का प्रयास करें, नई जगहों पर जाएं, अपनी पसंद की चीजें करें, अपनी पसंद की जगह पर जाएं, जिसे करने से आपको खुशी मिलती हो वो करें, नए नए ideas बनाने की कोशिश करें, नई चीज़ सीखें, इससे आपके ब्रेन पर ज़ोर पड़ता है, नए रचनात्मक (क्रिएटिव) लोगों के साथ संपर्क बनाएं, क्रिएटिव लोगों के साथ नए कनेक्शन बनाने से, नेटवर्किंग बनाने से, उनसे मिलने से, हमारे दिमाग में कई नई बातों का आविष्कार होता है, जिसके कारण ऑटोमैटिक्ली हमारे मस्तिष्क को एक नई ऊर्जा मिलती है, और इसी वजह से हमारे मस्तिष्क को बार-बार ऐक्टिव होने का सिगनल मिलता है, और इससे हमारा दिमाग खुद ब खुद तेज़ होने लगता है, और हमारे ब्रेन पावर में सुधार होता है।
स्वस्थ आहार लेना:

स्वस्थ आहार लेना: नियमित स्वस्थ पौष्टिक आहार लेने से, हमें एक दिन में जितना विटामिन, खनिज, पौषक तत्व, उपयुक्त मात्रा में आवश्यकता होती है, उतना हमें पर्याप्त मात्रा में, एक दिन में मिल जाता है, इसलिए हमें अपने दैनिक दिनचर्या के नियम में, हमेशा एक स्वस्थ आहार ही शामिल करना चाहिए, जिससे हमें एक पर्याप्त राशि में पौषक तत्व मिल सके, जितनी हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को, स्वस्थ रहने के लिए आवश्यकता होती है।
जैसे की हरी सब्जियां, पत्तेदार सब्जियां, साग, जिनमें पालक, मेथी, बथुआ इत्यादि शामिल होते हैं, इसके अलावा तरह-तरह की दालें, अपने सप्ताह के हर एक दिन में, एक प्रकार की दाल को ज़रूर शामिल करना चाहिए, इसके अलावा ड्राइ फ्रूट, खासकर बादाम, अखरोट, पिस्ता (pistachio) रात को भिगो कर, सुबह उठकर खाली पेट खाने से, दिमाग के लिए काफ़ी असरदार साबित होते हैं,
जिस प्रकार से, ये सभी विटामिन, खनिज, प्रोटीन, पौषक तत्व हमारे शारीरिक स्वास्थ्य को, तंदुरुस्त रखने में हमारी मदद करते हैं, उसी प्रकार नियमित स्वस्थ आहार लेने से, हमारे ब्रेन के फंक्शन को भी सही प्रकार से कार्य करने में, और उसे तंदुरुस्त रखकर, हमारे ब्रेन पावर को बूस्ट करने में, हमारे दिमाग को तेज़ करने में हमारी मदद करते हैं, लेकिन आज के इस फैशन के दौर में, हम अपने स्वास्थ्य के बारे में नहीं सोचते हैं, और कुछ पल के मुख के स्वाद के लिए, हम अधिकतर बाहरी फूड खाते हैं, जो की हमें नहीं खाना चाहिए, (स्वस्थ आहार लें-और लंबे समय तक स्वस्थ रहें) यही कामना करते हैं। 😊
निष्क्रिय: जितना आप अपने दिमाग को खुश रखेंगे, उतना ही आपका मानसिक स्वास्थ्य बेहतर और सक्रिय होगा, उसके अलावा दिमाग तेज़ करने के ये कुछ घरेलू और सुरक्षित उपाय हैं, बिना किसी बाहरी रासायनिक (केमिकल) उपयोग के, जिन्हें आप अपने रोजाना रूटीन में लाकर, अपनी मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर भी अपना ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, हर रोज़ कुछ समय निकालकर नियमित व्यायाम करना, नियमित रूप से संतुलित पौष्टिक आहार लेना, मानसिक व्यायाम (brain storming) जैसे गेम्स खेलना, मेडिटेशन करना, नई नई चीजें करना-सीखना, इन सभी घरेलू उपायों को आप अपनी डेली लाइफ रूटीन में शामिल करके, अपने दिमाग को तेज़ और सक्रिय बना कर पावरफुल बनाने में मदद कर सकते हैं।
Disclaimer: आर्टिकल में लिखे गए सलाह एवं सुझाव केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है, और यह एक रिसर्च की गई सामान्य जानकारी है, किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य या मानसिक विशेष समस्या के लिए, जांच या किसी भी प्रकार के चिकित्सक सवाल के लिए डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें, किसी भी विशेष परेशानी या मेडिकल ट्रीटमेंट होने की स्थिति में, आर्टिकल में दिए गए किसी भी नियमों का पालन करने से पहले, किसी पेशेवर डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल:
नियमित व्यायाम करने से दिमाग कैसे बढ़ता है?
नियमित रूप से रोजाना 30 मिनट से 1 घंटे का व्यायाम करने से, हमारे शारीरिक रक्तसंचार के साथ-साथ हमारे मानसिक रक्तसंचार में भी वृद्धि होती है, हमारी एकग्रता को बढ़ता है, हमारी याददाश्त की क्षमता को बढ़ाने में हमारी मदद करता है, जिसके कारण हमारे मस्तिष्क को नई ऊर्जा मिलती है, और हमारा दिमाग तेज़ होकर तंदुरुस्त होता है।
मानसिक व्यायाम करने से दिमाग कैसे तेज़ होता हैं?
नियमित रूप से मानसिक व्यायाम करने से हमारे दिमाग तेज़, और ब्रेन का पावर बढ़ता है, अपने दैनिक दिनचर्या में कुछ ऐसे गेम्स ज़रूर शामिल करें, जिससे आपके दिमाग पर ज़ोर पड़े, जैसे शतरंज, सुडोकू, पज़ल गेम्स, क्रॉस्वर्ड गेम्स, रूबिक्स क्यूब गेम्स, (जिसे हम magic cube के नाम से भी जानते हैं) दिमाग पर ज़ोर देने वाले गेम्स खेलने से, यह हमारे मस्तिष्क को सक्रिय होने का सिगनल देता है, जिसके कारण हमारे ब्रेन के “न्यूरॉनस” (nerve cells) तेज़ी से एक्टिव होने लगते हैं।
ध्यान मेडिटेशन करने से दिमाग कैसे तेज़ होता है?
ध्यान मेडिटेशन करने से हमारा मन प्रसन्न, और तनाव रहित हो जाता है, जिसके कारण हमारी मानसिक दशा में सुधार होता है, इसके अलावा, हेल्थ एक्सपर्ट्स के द्वारा रिसर्च में, यह बात सामने आयी है: की नियमित रूप से ध्यान करने से, यह हमारे दिमाग में “ग्रे मैटर” में वृद्धि करता है, जो हमारे सोचने, समझने, महसूस करने, एवं सभी प्रकार के मानसिक कार्यों को करने की क्षमता को बढ़ाता है, और मेडिटेशन हमारे दिमाग को सही तरह से फंक्शन करने के लिए भी ट्रेंड करता है।
क्या तनाव लेने से हमारा दिमाग कमज़ोर होता है?
जी हाँ, ज़रूरत से ज़्यादा तनाव लेने से हमारा मस्तिष्क बहुत सारी उलझनों से घिरा रहता है, जिसके कारण हम कुछ देर पहले किया हुआ काम भी अक्सर भूलने लगते हैं, और फिर धीरे-धीरे हमारी याददाश्त भी कमज़ोर होने लगती है, इसलिए जितना हो सके तनाव कम करें, तनाव-चिंता कम करने से, हमारा हृदय खुश, और दिमाग शांत रहता है, और जब हमारा दिमाग शांत रहता है, तो ऑटोमैटिक्ली हमारे कार्य की क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे हमारा ब्रेन पावर बढ़ कर, दिमाग तेज़ होता है।
पर्याप्त नींद लेने से दिमाग कैसे स्वस्थ रहता है?
एक भरपूर सुकून भरी नींद लेने से, हमारे दिमाग को आराम मिलता है, हमारे ब्रेन फंक्शन को सही प्रकार से काम करवाते रहने के लिए, सबसे जरूरी है हमारे मस्तिष्क को शांत रहना, एक पर्याप्त भरपूर नींद लेने से, हमारे पूरे दिन की थकावट, पूरे दिन भर की उलझनों से निज़ात मिलता है, जिसके कारण हम फ़्रेश मूड में उठते है, और हमारा दिमाग एक नई ऊर्जा के साथ वापस से शुरू होता है।
नींद ना लेने से दिमाग पर क्या असर पड़ता है?
एक पर्याप्त मात्रा में नींद ना लेने से, हमारा मन और मस्तिष्क शांत नहीं रह पाता है, जिसके कारण हमारा ध्यान, एकाग्रता किसी भी चीज़ पर सही प्रकार से केंद्रित नहीं हो पाता है, चिड़चिड़ापन होना, बात बात पर गुस्सा आना, मूड में उतार चढ़ाव होना, हमारे मानसिक दशा को बिगाड़ने लगते हैं।



